Ruh Shayari in Hindi for Love: सबसे ख़ूबसूरत Rooh Shayari

यह लेख Ruh Shayari in Hindi for Love पर केन्द्रित है—वो पंक्तियाँ जो सिर्फ दिल नहीं, रूह तक उतरती हैं। मोहब्बत जब शब्द कम पड़ जाते हैं, तब Rooh Shayari एहसासों को ऐसा रूप देती है कि खामोशी भी बोलने लगती है। यहाँ आपको रोमांटिक से लेकर दर्दभरी, और इंस्टाग्राम/व्हाट्सएप के लिए छोटी-छोटी 1-लाइनर शायरी तक सब मिलेगा—कुछ पंक्तियों के साथ सरल अर्थ (Meaning) भी, ताकि हर पाठक उन्हें अपने अनुभवों से जोड़ सके। शुरुआत करने वालों के लिए हमने उर्दू/हिन्दी शब्दों के आसान Einglish ट्रांसलिटरेशन भी जोड़े हैं, ताकि पढ़ना और शेयर करना दोनों आसान रहे। गहराई से पढ़ना चाहें तो हमारी deep love shayari collection पर भी नज़र डालें—यही वही जगह है जहाँ दिल की धड़कनें और अल्फ़ाज़ एक.

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Romantic Rooh Shayari

Romantic Rooh Shayari

तेरी धड़कनों की दस्तक से मेरी रूह जाग उठी,
नाम तेरा पढ़के हर दुआ कबूल हो गई।
Tu hai to har dua kabool ho gayi…

तेरी पलकों का साया मेरी रूह की पनाह है,
तेरे बिना हर रास्ता सूना-सा गवाह है।
Teri palkon ka saaya meri rooh ki panaah hai…

तेरी खुशबू से मेरी रूह को सबूत मिला,
प्यार वही सच्चा जो खामोशी में भी खुला।
Teri khushboo se meri rooh ko saboot mila…

तेरी आँखों के शहर में मेरी रूह बसती है,
तेरी मुस्कान से हर रात सुबह बनती है।
Teri aankhon ke shehar mein meri rooh basti hai…

तेरी आहट से मेरी रूह इबादत करने लगे,
तेरे ज़िक्र पर ये होंठ शहादत करने लगे।
Teri aahat se meri rooh ibaadat karne lage…

तेरे कांधे पर सर रखूँ तो रूह सुकून पाती है,
जैसे भटका मुसाफ़िर घर की राह पाती है।
Tere kandhe par sar rakhun to rooh sukoon paati hai…

तेरे नाम का नूर मेरी रूह में उतरता है,
हर अँधेरा तेरे जिक्र से बिखरता है।
Tere naam ka noor meri rooh mein utarta hai…

दिल तेरे हवाले, रूह तेरे अमानत,
तू ही है मेरी हर चाहत की ज़मानत।
Dil tere hawaale, rooh tere amaanat…

तेरे लब हिलें तो मेरी रूह क़सीदे पढ़े,
तेरी खामोशी भी मोहब्बत के वादे गढ़े।
Tere lab hilen to meri rooh qaseede padhe…

तेरे स्पर्श से मेरी रूह का साया खिल गया,
सूखा मौसम था, प्यार का बादल मिल गया।
Tere sparsh se meri rooh ka saaya khil gaya…

तेरी रौशनी से मेरी रूह उजली-उजली,
तेरे बिन दुनिया लगती धुंधली-धुंधली।
Teri roshni se meri rooh ujli-ujli…

तेरे ख़याल का चाँद मेरी रूह में ढलता है,
हर रात तेरा नाम तारा बनकर जलता है।
Tere khayal ka chaand meri rooh mein dhalta hai…

तेरी धड़कनें पढ़कर रूह ने फैसला किया,
प्यार मेरा तू ही, यही मसौदा लिखा।
Teri dhadkane padhkar rooh ne faisla kiya…

तेरे बिना मेरी रूह अधूरी कहानी,
तू लिख दे आख़िरी पन्ने की निशानी।
Tere bina meri rooh adhoori kahani…

तेरी आँचल में मेरी रूह को सुकून मिलता,
जैसे रेगिस्तान को अचानक साया मिलता।
Teri aanchal mein meri rooh ko sukoon milta…

तेरी नज़रों में मेरी रूह का घर बसा,
दर-दर भटका था, यहाँ आकर ठहर गया।
Teri nazron mein meri rooh ka ghar basa…

तेरे इकरार से मेरी रूह ने रंग लिए,
सफेद दिनों ने भी गुलाल-से ढंग लिए।
Tere iqraar se meri rooh ne rang liye…

तेरा नाम लिखते ही रूह झूम उठी,
सूनी रगों में मोहब्बत फिर से घूम उठी।
Tera naam likhte hi rooh jhoom uthi…

तेरा हाथ छूते ही रूह इमाम बन गई,
हर राह पर तेरी रहमत निशान बन गई।
Tera haath chhute hi rooh imaam ban gayi…

तेरी बातों से मेरी रूह को परवाज़ मिली,
जैसे सुबह को पहली धूप की आग़ाज़ मिली।
Teri baaton se meri rooh ko parwaaz mili…

तेरे लम्हों का कर्ज़ मेरी रूह नहीं चुकाए,
हर साँस कहे—तू रहे, बस यही दुआएँ।
Tere lamhon ka karz meri rooh nahin chukaaye…

तेरी मुस्कान का मौसम मेरी रूह को भाए,
बरसों से सूखी आँखें अब बारिश पाए।
Teri muskaan ka mausam meri rooh ko bhaaye…

तेरे संग चलूँ तो रूह हल्की लगती है,
पत्थरों पर भी राह मख़मली लगती है।
Tere sang chalun to rooh halki lagti hai…

तेरी आवाज़ में मेरी रूह का नक्श है,
हर सुर में तेरा ही एक अक्स है।
Teri awaaz mein meri rooh ka naksh hai…

तेरे गले लगाने से रूह की थकन उतरती,
जैसे लंबी यात्राओं की धूल बिखरती।
Tere gale lagane se rooh ki thakan utarti…

तेरी हँसी मेरी रूह की तसब्बुर बन गई,
काली रातों में भी रौशनी बन गई।
Teri hansi meri rooh ki tasabbur ban gayi…

तेरे ख़तों की स्याही रूह में उतर आई,
हर शब्द में तेरी धड़कन सुनाई।
Tere khaton ki syahi rooh mein utar aayi…

तेरे रोने से मेरी रूह काँप उठती है,
तेरी खुशी में मेरी तकदीर नाच उठती है।
Tere rone se meri rooh kaanp uthti hai…

तेरे आने से मेरी रूह ने ईद मना ली,
तेरे जाने से हर शाम बहुत तन्हा-सी।
Tere aane se meri rooh ne eid mana li…

तेरी परछाई से मेरी रूह दोस्ती करे,
धूप में भी तेरी यादें ठंडी-सी रहे।
Teri parchhaai se meri rooh dosti kare…

तेरे लफ़्ज़ों में मेरी रूह की तहें खुलीं,
बंद दरवाज़ों पर भी हवाएँ खिलीं।
Tere lafzon mein meri rooh ki tahein khulin…

तेरे सिवा मेरी रूह का कोई आसरा नहीं,
तू जो न हो तो इस दिल का सहारा नहीं।
Tere siwa meri rooh ka koi aasra nahin…

तेरी राहों में मेरी रूह ने सजदे किए,
तेरे कदमों से ही मेरे रस्ते जिए।
Teri raahon mein meri rooh ne sajde kiye…

तेरे ख्यालों से मेरी रूह महक उठी,
बंद किताब में जैसे खुशबू भर उठी।
Tere khayalon se meri rooh mehak uthi…

तेरे साथ बिताए पल रूह ने जमा कर लिए,
फुर्सत में खोले तो आँसू मुस्कुरा दिए।
Tere saath bitaae pal rooh ne jama kar liye…

तेरे सीने पे रख के रूह ने सुकून लिया,
दुनिया के शोर से कुछ पल उधार लिया।
Tere seene pe rakh ke rooh ne sukoon liya…

तेरी दहलीज़ पे मेरी रूह ने घर बनाया,
भटकती हवाओं को भी ठहरना सिखाया।
Teri dahleez pe meri rooh ne ghar banaya…

तेरे इशारे से मेरी रूह दिशा पा गई,
टूटी पतंग भी फिर से हवा पा गई।
Tere ishaare se meri rooh disha paa gayi…

तेरी धूप में मेरी रूह ने रंग चखे,
बर्फ़ीले दिनों में भी फागुन-से ढंग चखे।
Teri dhoop mein meri rooh ne rang chakhe…

तेरा इकरार मेरी रूह की कसम बन गया,
प्यार का हर वादा सनद बन गया।
Tera iqraar meri rooh ki kasam ban gaya…

तेरे सिरहाने बैठकर रूह दुआएँ पढ़ती है,
तेरी नींद में मेरी आँखें रौशनी करती हैं।
Tere sirhane baithkar rooh duaaeN padhti hai…

तेरी झलक से मेरी रूह में जश्न जगता,
थकी साँसों को भी नया धड़कन-राग लगता।
Teri jhalak se meri rooh mein jashn jagta…

तेरे कदमों की आहट मेरी रूह सुन लेती,
भीड़ में भी तेरी राहें चुन लेती।
Tere kadmon ki aahat meri rooh sun leti…

तेरे दिल की चोट पे मेरी रूह पट्टी बाँधे,
दर्द बाँटकर हम दोनों सुकून साधें।
Tere dil ki chot pe meri rooh patti baandhe…

तेरी खामोशी में मेरी रूह का इकरार छुपा,
बिन बोले भी ये रिश्ता बार-बार धुआँ-सा उगा।
Teri khamoshi mein meri rooh ka iqraar chhupa…

तेरे होठों की दुआ मेरी रूह तक पहुँचती,
किस्मत की तहों में नई राहें बनती।
Tere hothon ki dua meri rooh tak pahuchti…

तेरे मौसम से मेरी रूह ने लिबास बदला,
पतझड़ में भी बहार ने अपना हास बदला।
Tere mausam se meri rooh ne libaas badla…

तेरी बाहों में मेरी रूह ने साए बिछाए,
तन्हाइयों के जंगल में फूल खिलाए।
Teri baahon mein meri rooh ne saaye bichhaaye…

तेरी धड़कन के संग मेरी रूह ने ताल मिलाई,
रात की नब्ज़ पर सुबह ने दस्तक खाई।
Teri dhadkan ke sang meri rooh ne taal milai…

तेरी मोहब्बत ने मेरी रूह को ये हुनर दिया,
हर दर्द मुस्कुरा कर तेरा शुक्र अदा किया।
Teri mohabbat ne meri rooh ko ye hunar diya…

Sad & Heart-Touching Ruh Shayari

Sad & Heart-Touching Ruh Shayari

तू नहीं, फिर भी तेरी आहट रूह को चुभती है,
खामोशी मेरी हर रात को चीख़ना सिखाती है।
Tu nahin, phir bhi teri aahat rooh ko chubhti hai…

दिल ने मान भी लिया, पर रूह नहीं मानी,
तेरे बिन हर खुशी में थोड़ी-सी वीरानी।
Dil ne maan bhi liya, par rooh nahin maani…

तुझे खोकर मेरी रूह ने सांसें तो लीं,
पर जीना जैसे कर्ज़ बनकर रह गया।
Tujhe khokar meri rooh ne saanse to leen…

तेरी यादों का ज़हर रूह तक उतर आता है,
दर्द पीती हूँ तो चेहरा मुस्कुराता है।
Teri yaadon ka zehar rooh tak utar aata hai…

जितना समझाया, उतना ही टूटती गई रूह,
तू गया तो मेरी रातों से छिन गई सूरज-रूह।
Jitna samjhaya, utna hi toot’ti gayi rooh…

तेरे लहजे की गर्माहट अब खामोश हो चली,
मेरी रूह की हथेली पर ठंडी राख बची।
Tere lehje ki garmaahat ab khamosh ho chali…

रूह तक भीग गई तेरे आख़िरी अलविदा से,
बरसात भी शर्माई मेरी सूखी सदा से।
Rooh tak bheeg gayi tere aakhiri alvida se…

तन्हाई ने मेरे कमरे का पता सीख लिया,
रूह ने तेरी परछाई से जीना सीख लिया।
Tanhai ne mere kamre ka pata seekh liya…

तेरी याद जब हद से ज़्यादा सच हो जाती है,
रूह मेरी अपनी ही त्वचा से पराई हो जाती है।
Teri yaad jab had se zyada sach ho jaati hai…

निखरता था जो चेहरा तेरी मुस्कान से,
अब रूह धुंधला गई तेरी ही पहचान से।
Nikharta tha jo chehra teri muskaan se…

जुदाई ने मेरी रूह को इतना सिखाया,
रोना भी अब चुपचाप, बिना आवाज़ के आया।
Judaai ne meri rooh ko itna sikhaya…

तेरे लौट आने की उम्मीद रोज़ जलती है,
रूह की बाती में आख़िरी रौशनी पलती है।
Tere laut aane ki umeed roz jalti hai…

तेरा नाम लूँ तो रूह में काँटे उगते हैं,
पलकों के नीचे टूटे सपने सोते हैं।
Tera naam loon to rooh mein kaante ugte hain…

तेरे बिन जो साँस ली, वो उधार-सी लगी,
रूह की गलियों में खाली शहर-सी लगी।
Tere bin jo saans li, wo udhaar si lagi…

कितना रक्खा खुद को मज़बूत दिखाने का खेल,
रूह अंदर से गिरती रही, चेहरा बना रहा ढंगेल।
Kitna rakkha khud ko mazboot dikhaane ka khel…

तेरी एक “ठीक हूँ” ने मेरी रूह तोड़ दी,
मैंने जो पूछी थी धड़कन, तूने राह मोड़ दी।
Teri ek “theek hoon” ne meri rooh tod di…

आँसुओं से जो लिखी दास्तान रूह ने,
वो काग़ज़ भी तेरे नाम पर जल उठे।
Aansuon se jo likhi daastaan rooh ne…

तेरे वादों की कब्र पर मेरी रूह बैठी है,
हर “हमेशा” की मिट्टी अब ठंडी पड़ती है।
Tere vaadon ki kabr par meri rooh baithi hai…

तू गया तो दिल रोया, रूह बेज़ुबान हुई,
जो बातें न कहीं, वही सबसे मेहरबान हुईं।
Tu gaya to dil roya, rooh bezubaan hui…

तेरी चिट्ठियाँ नहीं, बस राख मिली,
रूह ने उनमें भी तेरा हाथ छू लिया।
Teri chitthiyan nahin, bas raakh mili…

ख़ुश दिखने की अदाकारी थका गई रूह,
स्टेज खाली, ताली भी अब बेजान-सी।
Khush dikhne ki adakaari thaka gayi rooh…

तेरे शहर की हर गली यादों से भरी,
रूह मेरे पाँवों में ज़ंजीर-सी धरी।
Tere shehar ki har gali yaadon se bhari…

तूने पूछा नहीं, मेरी रूह चुप रह गई,
जैसे बारिश बिना बादल के थम गई।
Tune poocha nahin, meri rooh chup reh gayi…

जो मुस्कान तेरे लिए थी, वो कहीं गिर गई,
रूह की अलमारी में पुरानी-सी मर गई।
Jo muskaan tere liye thi, wo kahin gir gayi…

तेरे लौटने की तारीख़ कभी लिखी नहीं,
रूह ने कैलेंडर ही फाड़कर फेंक दिया।
Tere lautne ki tareekh kabhi likhi nahin…

रूह के दरवाज़े पर सन्नाटा पहरा देता है,
तेरा नाम आते ही शोर बहरा देता है।
Rooh ke darwaze par sannaata pehra deta hai…

तेरे बिना जो दुआ की, वो लौट आई,
रूह के आसमान से आशीर्वाद टूट आई।
Tere bina jo dua ki, wo laut aayi…

मेरी रूह तेरे आख़िरी संदेश में अटकी,
टाइपिंग के तीन बिंदुओं में ही रुक गई।
Meri rooh tere aakhiri sandesh mein atki…

तू मिला था तो रूह को मंज़िल समझ आई,
अब हर रास्ता वैसा है जैसे रेत पर लिखाई।
Tu mila tha to rooh ko manzil samajh aayi…

मैं हँसती रही, रूह अंदर से गिरती रही,
भीड़ में भी तेरी खामोशी फिसलती रही।
Main hans’ti rahi, rooh andar se girti rahi…

तेरी खिड़की पे जो धूप उतरती थी कभी,
अब मेरी रूह पे वही परछाई चढ़ी।
Teri khidki pe jo dhoop utarti thi kabhi…

प्यार की आख़िरी रात बहुत लंबी थी,
रूह ने घड़ी से कहा—बस, अब सो जाने दे।
Pyar ki aakhiri raat bahut lambi thi…

तू कह न सका, मैं सुन न सकी,
रूह के बीच एक शब्द हमेशा अटका रहा।
Tu keh na saka, main sun na saki…

तेरे बिन हर मौसम अधूरा-सा लगे,
रूह के पेड़ पे पत्ते सूखे-से लगे।
Tere bin har mausam adhoora sa lage…

बिखरना भी सीख लिया रूह ने अब,
जब जुटना तेरी बाहों के बिना नामुमकिन हो।
Bikharnā bhi seekh liya rooh ne ab…

तुझे भूलने की कोशिश में रूह घिस गई,
दिमाग़ जीता, दिल हारा, साँसें थक गईं।
Tujhe bhoolne ki koshish mein rooh ghis gayi…

तेरे पत्थर-से जवाब ने आईना तोड़ दिया,
रूह ने अपनी ही सूरत से नज़रें मोड़ लिया।
Tere patthar-se jawaab ne aaina tod diya…

जो उम्मीद रूह में दीपक बन जलती थी,
वही मोम की तरह रोकर पिघल गई।
Jo umeed rooh mein deepak ban jalti thi…

तेरी ख़ैरियत की दुआ अब भी करती हूँ,
रूह अपनी हालत पर पर्दा डालती हूँ।
Teri khairiyat ki dua ab bhi karti hoon…

तू याद आता है तो नींद नाराज़ हो जाती,
रूह जागकर तेरे शहर तक चल पड़ती।
Tu yaad aata hai to neend naraaz ho jaati…

ख़बर आई तेरी ख़ुशी की, दिल ने सर झुका लिया,
रूह ने अपने हिस्से का ग़म चुपचाप बाँट लिया।
Khabar aayi teri khushi ki, dil ne sar jhuka liya…

तेरे वादे हवा थे, मेरी रूह ने मान लिए,
अब राख से भी रिश्ते मैंने जान लिए।
Tere vaade hawa the, meri rooh ne maan liye…

सवाल बहुत हैं, जवाब कहीं खो गए,
रूह के कटोरे में आँसू ही रह गए।
Sawaal bahut hain, jawaab kahin kho gaye…

तूने जब “ठीक रहना” कहा, मैं टूट गई,
रूह ने उसी पल अपनी आवाज़ खो दी।
Tune jab “theek rehna” kaha, main toot gayi…

रूह को अब किसी सूरत से डर नहीं लगता,
जो खोना था, तुझमें ही सब बिखर चुका।
Rooh ko ab kisi soorat se dar nahin lagta…

तेरी राह तकते-तकते रूह पत्थर हो गई,
आँखें नमकीन, मुस्कान बेरंग हो गई।
Teri raah takte-takte rooh patthar ho gayi…

तू लौटे न लौटे, ये फैसला तेरे नाम,
मेरी रूह बस तेरे दर पर रखे सलाम।
Tu laute na laute, ye faisla tere naam…

जिन लफ़्ज़ों में तू बसता था कभी,
आज वही लफ़्ज़ मेरी रूह को काटते हैं।
Jin lafzon mein tu basta tha kabhi…

कभी तुझे पुकारा तो सन्नाटा बोल पड़ा,
रूह ने भी कहा—अब देर बहुत हो गई।
Kabhi tujhe pukaara to sannata bol pada…

तेरे हिस्से की दुआएँ अब भी भेजती हूँ,
मेरी रूह तेरी बेख़बरियों में भी प्रेम रखती है।
Tere hisse ki duaaeN ab bhi bhejti hoon…

Short 1-Line Rooh Shayari

Short 1-Line Rooh Shayari

तेरी याद से मेरी रूह महकती है।
Teri yaad se meri rooh mehakti hai…

तेरे बिना मेरी रूह आधी रह गई।
Tere bina meri rooh aadhi reh gayi…

तेरी हँसी मेरी रूह का सुकून है।
Teri hansi meri rooh ka sukoon hai…

मेरी रूह ने तुझे पहले ही चुन लिया।
Meri rooh ne tujhe pehle hi chun liya…

तेरा नाम मेरी रूह की धड़कन है।
Tera naam meri rooh ki dhadkan hai…

खामोशी में भी मेरी रूह तेरा नाम ले।
Khamoshi mein bhi meri rooh tera naam le…

तेरी नज़रें मेरी रूह की पनाह हैं।
Teri nazrein meri rooh ki panah hain…

रूह कहती है—तू ही मुकम्मल है।
Rooh kehti hai—tu hi mukammal hai…

तेरे छूने से मेरी रूह खिल उठी।
Tere chhoone se meri rooh khil uthi…

तेरी खुशबू मेरी रूह में बसती है।
Teri khushboo meri rooh mein basti hai…

रूह ने तेरे इकरार पर सज्दा किया।
Rooh ne tere iqraar par sajda kiya…

तेरी राहों में मेरी रूह ठहर गई।
Teri raahon mein meri rooh thahar gayi…

तू बोले तो मेरी रूह मुस्कुराए।
Tu bole to meri rooh muskuraaye…

तेरी यादें मेरी रूह की रौशनी हैं।
Teri yaadein meri rooh ki roshni hain…

तेरे बिना मेरी रूह बेघर-सी।
Tere bina meri rooh beghar si…

रूह ने तुझमें अपना कल लिख दिया।
Rooh ne tujhmein apna kal likh diya…

तेरी तस्वीर मेरी रूह की दीवार है।
Teri tasveer meri rooh ki deewar hai…

रूह कहती है—बस वही मेरा है।
Rooh kehti hai—bas wahi mera hai…

तेरा स्पर्श मेरी रूह की दवा है।
Tera sparsh meri rooh ki dawa hai…

तेरे लहजे में मेरी रूह को चैन है।
Tere lehje mein meri rooh ko chain hai…

रूह का हर शेर—तेरा जिक्र।
Rooh ka har sher—tera zikr…

तेरी धड़कन मेरी रूह की ताल है।
Teri dhadkan meri rooh ki taal hai…

रूह ने तेरे कदमों में घर बनाया।
Rooh ne tere kadmon mein ghar banaya…

तेरे बिना रूह को नींद नहीं आती।
Tere bina rooh ko neend nahin aati…

तेरा इश्क़ मेरी रूह की रोज़ी है।
Tera ishq meri rooh ki rozi hai…

रूह तुझे देखकर सज्दे में गिरती है।
Rooh tujhe dekhkar sajde mein girti hai…

तेरी चुप मेरी रूह को भी बोलती है।
Teri chup meri rooh ko bhi bolti hai…

रूह ने तेरे खत में खुद को पाया।
Rooh ne tere khat mein khud ko paaya…

तेरी पलकों तले मेरी रूह को छाँव।
Teri palkon tale meri rooh ko chhaav…

रूह तेरे संग तो सफर ही मंज़िल।
Rooh tere sang to safar hi manzil…

तेरे आने से मेरी रूह बहार हो।
Tere aane se meri rooh bahaar ho…

रूह ने तेरी हाँ में उम्र बाँधी।
Rooh ne teri haan mein umr baandhi…

तेरी दूरी मेरी रूह की बीमारी।
Teri doori meri rooh ki beemaari…

रूह को तेरा नाम दुआ लगता है।
Rooh ko tera naam dua lagta hai…

तेरी नमी मेरी रूह की बारिश है।
Teri nami meri rooh ki baarish hai…

रूह की किताब में तू पहला पन्ना।
Rooh ki kitaab mein tu pehla panna…

तेरी राह देखती मेरी रूह थम जाए।
Teri raah dekhti meri rooh tham jaaye…

रूह ने तेरे काँधे को घर कहा।
Rooh ne tere kandhe ko ghar kaha…

तेरी आवाज़ मेरी रूह का सुर है।
Teri awaaz meri rooh ka sur hai…

रूह ने तेरे आँचल में सुकून पाया।
Rooh ne tere aanchal mein sukoon paaya…

तेरे बिना रूह का मौसम सूखा है।
Tere bina rooh ka mausam sookha hai…

रूह तेरा एक “हाँ” माँगती है।
Rooh tera ek “haan” maangti hai…

तेरे खत्म होते ही रूह शुरू होती है।
Tere khatm hote hi rooh shuru hoti hai…

रूह तेरे शहर में रोज़ भटकती है।
Rooh tere shehar mein roz bhatakti hai…

तेरे स्पर्श से रूह नमकीन आँसू पीती।
Tere sparsh se rooh namkeen aansu peeti…

रूह तुझमें खुद को पहचानती है।
Rooh tujhmein khud ko pehchaanti hai…

तेरी धूप मेरी रूह की सुबह है।
Teri dhoop meri rooh ki subah hai…

रूह का कंपास हमेशा तुझ पर।
Rooh ka compass hamesha tujh par…

तेरे क़दम—मेरी रूह की दिशा।
Tere qadam—meri rooh ki disha…

रूह ने तुझसे ही प्यार सीखा।
Rooh ne tujhse hi pyaar seekha…

Deep & Soulful Rooh Shayari with Meaning

Deep & Soulful Rooh Shayari with Meaning

रूह ने तेरे नाम को दुआ बना लिया,
दिल ने उसी दुआ को खुदा बना लिया।
Rooh ne tere naam ko dua bana liya, dil ne usi dua ko khuda bana liya…
Meaning: तेरे नाम में मेरी इबादत बस गई।

तेरी ख़ामोशी में मेरी रूह की आवाज़ छुपी,
बिना कहे तूने सब कुछ कह दिया।
Teri khamoshi mein meri rooh ki awaaz chhupi…
Meaning: तेरी चुप्पी भी इकरार है।

धड़कनों के पार जहाँ सन्नाटा रहता है,
वहीं मेरी रूह तेरे संग बात करती है।
Dhadkanon ke paar jahan sannata rehta hai…
Meaning: भीतर की शांति में ही हमारा मिलन है।

तेरी पलकों की छाँव में रूह ने घर बसाया,
बेख़बर था जहाँ, तूने उसे नाम दिया।
Teri palkon ki chhaav mein rooh ne ghar basaya…
Meaning: तेरे साये में मुझे ठिकाना मिला।

तेरे आने से मेरी रूह ने मौसम बदले,
पतझड़ में भी पेड़ों ने गीत गाए।
Tere aane se meri rooh ne mausam badle…
Meaning: तू मेरी जीवन-ऋतु बदल देता/देती है।

एक तेरा ज़िक्र रूह तक रोशनी पहुँचा दे,
जैसे अँधेरों का मकान अचानक खुल जाए।
Ek tera zikr rooh tak roshni pahucha de…
Meaning: तेरी याद मेरा उजाला है।

मैंने वक़्त से कहा—ठहर जाओ कुछ पल,
रूह ने फुसफुसाया—वो आ रहे हैं।
Maine waqt se kaha—thahar jao kuch pal…
Meaning: तेरा इंतज़ार मेरी रूह का वक़्त रोक देता है।

तेरी साँसों की रफ़्तार पर रूह ने ताला लगा दिया,
अब हर धड़कन तेरे समय पर चलती है।
Teri saanson ki raftaar par rooh ne taala laga diya…
Meaning: मेरा रिद्म तुझसे जुड़ गया है।

रूह ने जब तुझे सज्दा कहा,
दिल ने मोहब्बत को मज़हब बना लिया।
Rooh ne jab tujhe sajda kaha…
Meaning: तू मेरे लिए पवित्र है।

तेरी आँखों में एक दरवाज़ा खुलता है,
जिससे मेरी रूह अपनी सचाई देखती है।
Teri aankhon mein ek darwaza khulta hai…
Meaning: तू मुझे मेरी असलियत दिखाता/दिखाती है।

ख़्वाबों के नक़्शे में रूह ने तेरी राह चुन ली,
हक़ीक़त ने भी उस दिशा को मंज़ूर कर लिया।
Khwaabon ke naqshe mein rooh ne teri raah chun li…
Meaning: सपने और सच, दोनों तुझी की ओर हैं।

तेरे हाथ की गरमाहट से रूह की बर्फ़ पिघली,
और ग़म की नदी बहकर समंदर बन गई।
Tere haath ki garmaahat se rooh ki barf pighli…
Meaning: तेरी छुअन से मेरे दुख घुल जाते हैं।

जब तू पास होता/होती है, रूह में सुकून उतरता है,
जैसे हवाओं को उनकी दिशा मिल गई।
Jab tu paas hota/hoti hai, rooh mein sukoon utarta hai…
Meaning: तू मेरी शांति का स्रोत है।

तेरे नाम की सरगम पर रूह ने गीत रचे,
हर सुर में “हम” का वादा लिख दिया।
Tere naam ki sargam par rooh ne geet rache…
Meaning: हमारी धुन साथ में ही पूरी है।

रूह ने तन्हाई से पूछा—क्यों इतना शोर?
उसने कहा—मैं तेरी उसकी दूरी हूँ।
Rooh ne tanhaai se poocha—kyon itna shor…
Meaning: जुदाई ही भीतर का शोर है।

तेरे बिना रूह ने घड़ियों को उतार दिया,
वक़्त भी तेरी दस्तक का मोहताज निकला।
Tere bina rooh ne ghadiyon ko utaar diya…
Meaning: समय भी तेरे आने-जाने से माने रखता है।

तेरी मुस्कान से रूह की दीवारें रोशन,
टूटे कोनों में फिर से घर बस गया।
Teri muskaan se rooh ki deewaren roshan…
Meaning: तेरी खुशी मेरा आशियाना बनाती है।

रूह ने जब तेरे दुख को छुआ,
दर्द ने भी इश्क़ का अदब सीख लिया।
Rooh ne jab tere dukh ko chhua…
Meaning: हम दर्द भी बांटते हैं, सिर्फ़ खुशी नहीं।

तेरी चुप में जो बारिश बरसती है,
रूह उसी में भीगकर हल्की हो जाती है।
Teri chup mein jo baarish barsati hai…
Meaning: तेरी ख़ामोशी भी मुझे राहत देती है।

मेरी रूह तेरी पलकों पर रात काट लेती है,
सुबह तेरी हाँ पर आँखें खुलती हैं।
Meri rooh teri palkon par raat kaat leti hai…
Meaning: तेरा इशारा मेरी सुबह है।

तेरा नाम दिल पर, अर्थ रूह पर,
दोनों मिलकर एक किताब लिखते हैं।
Tera naam dil par, arth rooh par…
Meaning: तुम्हारा असर मेरे पूरे अस्तित्व पर है।

जब तू रूठता/रूठती है, रूह बग़ावत करती है,
और दुनिया से सारे समझौते तोड़ देती है।
Jab tu rooth’ta/rooth’ti hai, rooh baghawat karti hai…
Meaning: तेरी नाराज़गी मेरी दुनिया हिला देती है।

तेरे ज़िक्र का दिया रूह में टिमटिमाता है,
अँधेरों को भी उम्मीद का सबक दे जाता है।
Tere zikr ka diya rooh mein timtimaata hai…
Meaning: तेरी याद उम्मीद जगाती है।

तू मिला तो रूह ने खुद को पहचान लिया,
आईने ने पहली बार सच कहा।
Tu mila to rooh ne khud ko pehchan liya…
Meaning: तेरे साथ मैं अपने असली रूप में हूँ।

तेरे शहर की हवा रूह को दवा लगती है,
दूरी की धूल वहीं धुल जाती है।
Tere shehar ki hawa rooh ko dawa lagti hai…
Meaning: तेरे पास आकर मैं ठीक हो जाता/जाती हूँ।

रूह ने इकरार लिख दिया तेरी धड़कन की स्याही से,
अब हर क़सम तेरे नाम से शुरू होती है।
Rooh ne iqraar likh diya teri dhadkan ki syahi se…
Meaning: हमारी प्रतिबद्धता दिलों से लिखी है।

तू दुआ बनकर आया, रूह सज्दे में गिर गई,
दुनिया ने देखा—मोहब्बत इबादत हो गई।
Tu dua bankar aaya, rooh sajde mein gir gayi…
Meaning: हमारा प्यार पूजा-सा पवित्र है।

तेरी आँखों के आसमान में रूह ने तारे जोड़े,
हर चमक में एक वादा चमकता रहा।
Teri aankhon ke aasman mein rooh ne taare jode…
Meaning: तेरी नज़रें हमारी प्रतिज्ञाओं का घर हैं।

जब तू थक जाता/जाती है, रूह तेरे लिए साँसें थाम लेती,
ताकि तेरी मुसीबत थोड़ी हल्की हो।
Jab tu thak jaata/jaati hai, rooh tere liye saanse tham leti…
Meaning: मैं तेरे बोझ में हिस्सा लेता/लेती हूँ।

तेरी हाँ की थपकी से रूह सो जाती है,
ना की आहट से रात जागती रहती है।
Teri haan ki thapki se rooh so jaati hai…
Meaning: तेरा जवाब मेरी नींद-चैन तय करता है।

रूह के तहख़ाने में मैंने तेरे ख़त छिपाए,
वक़्त ने चाहा भी तो उन्हें छू न पाया।
Rooh ke tahkhane mein maine tere khat chhupaye…
Meaning: हमारी यादें समय से भी सुरक्षित हैं।

तेरे स्पर्श ने रूह की भाषा समझ ली,
शब्दों का काम आज इशारों ने किया।
Tere sparsh ne rooh ki bhaasha samajh li…
Meaning: हमारा संवाद दिल से है, ज़ुबान से नहीं।

तू रोया/रोई तो रूह ने बादल टाँक दिए,
मेरी हथेलियों पर तेरी बारिश उतर आई।
Tu roya/royi to rooh ne baadal taank diye…
Meaning: तेरे आँसू, मेरा आसमान—हम साथ हैं।

तेरी खामोशी के पन्नों पर रूह ने अर्थ लिखे,
हर सन्नाटा किसी सच का बयान निकला।
Teri khamoshi ke pannon par rooh ne arth likhe…
Meaning: तेरी चुप्पी भी अर्थपूर्ण है।

रूह ने दूरी को भी रिश्ता बना लिया,
यादों के रेशम से हर दरार सिल दी।
Rooh ne doori ko bhi rishta bana liya…
Meaning: जुदाई में भी हमारा बंधन मज़बूत रहा।

तू मेरी रूह का नक्शा है,
मैं हर मोड़ पर तेरा घर ढूँढ़ लेता/लेती हूँ।
Tu meri rooh ka naksha hai…
Meaning: मेरी राहें हमेशा तुझ तक आती हैं।

तेरे दुख की परछाई जब रूह पर पड़ी,
मेरी मुस्कान ने भी रोज़ा रख लिया।
Tere dukh ki parchhaai jab rooh par padi…
Meaning: तेरी पीड़ा में मेरी खुशी भी थम जाती है।

रूह ने तेरे हिज्र को सब्र बना डाला,
इश्क़ ने इंतज़ार को ईमान कर दिया।
Rooh ne tere hijr ko sabr bana daala…
Meaning: इंतज़ार ही मेरी श्रद्धा है।

तू नाम ले तो रूह में मेले लग जाएँ,
तन्हाई के स्टॉल पर भी रोशनी बिके।
Tu naam le to rooh mein mele lag jaayen…
Meaning: तेरी पुकार से अकेलापन भी भर जाता है।

रूह ने तेरी याद को रोज़ पीलाया,
जो कड़वा था, वो मीठा हुनर बन गया।
Rooh ne teri yaad ko roz peelaaya…
Meaning: दर्द याद बनकर ताक़त बना।

तेरे बिना जो सांस ली, रूह ने उधार लिख दी,
लौटाना है, जब भी तू लौटे।
Tere bina jo saans li, rooh ne udhaar likh di…
Meaning: तेरे बिन सब अधूरा है, पूरा तू ही करता/करती है।

तेरी कदमचाप से रूह ने दिशा सीखी,
भटकी राहें भी मंज़िल बन गईं।
Teri kadamchaap se rooh ne disha seekhi…
Meaning: तू मेरा कंपास है।

रूह ने तेरी झलक से दर्पण गढ़े,
अब हर शीशे में “हम” दिखाई देते हैं।
Rooh ne teri jhalak se darpan gadhe…
Meaning: मैं हर जगह हमारे साथ को देखता/देखती हूँ।

तेरे लफ़्ज़ों ने रूह के ज़ख़्म सिल दिए,
मर्ज़ था मोहब्बत—इलाज भी वही।
Tere lafzon ne rooh ke zakhm sil diye…
Meaning: प्यार ने ही दर्द दिया और वही ठीक भी किया।

जब तू दुआ में था/थी, रूह अमीन कहती रही,
ख़ुदा भी तेरे नाम से मेहरबान लगा।
Jab tu dua mein tha/thi, rooh ameen kehti rahi…
Meaning: तेरे लिए मेरी प्रार्थनाएँ सच्ची हैं।

रूह ने तेरी तस्वीर को दीवार नहीं,
दिल का दरवाज़ा बना रखा है।
Rooh ne teri tasveer ko deewar nahin, dil ka darwaza bana rakha hai…
Meaning: तू भीतर-बाहर का रास्ता है।

तेरे स्पर्श से रूह में हरियाली उगी,
सूखे मौसम ने भी गुनगुनाना सीख लिया।
Tere sparsh se rooh mein hariyali ugi…
Meaning: तू जीवन में नयी जान भरता/भरती है।

रूह ने तेरा शुक्र सीने पर टाँक लिया,
हर सांस क़दर बन कर आती-जाती है।
Rooh ne tera shukr seene par taank liya…
Meaning: मैं तेरा आभारी/आभारी हूँ—हर पल।

तेरी “ठीक हूँ” में रूह को इत्मिनान मिलता,
जैसे आंधी के बाद दीपक फिर जल उठे।
Teri “theek hoon” mein rooh ko itminaan milta…
Meaning: तेरी कुशल-ख़बर मेरा चैन है।

तू आखिर में नहीं—रूह की शुरुआत है,
मेरी हर कहानी तेरे नाम से खुलती है।
Tu aakhir mein nahin—rooh ki shuruaat hai…
Meaning: तू मेरी हर शुरुआत का कारण है।

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